मा0 जनपद न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों आदि की उपस्थिति में राष्ट्रीय लोक अदालत का किया शुभारंभ
राष्ट्रीय लोक अदालत में 40430 वादों का किया गया निस्तारण

एटा, )। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को मा0 जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार की अध्यक्षता एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष सं0-01 नरेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन कैलाश कुमार प्रभारी-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा के द्वारा किया गया। इस लोक अदालत में 48644 वादों में से 40430 वादों का निस्तारण हुआ, जिसमे 584370 की जुर्माना धनराशि, 25863316 की अवार्ड धनराशि एवं 798811200 की वसूली धनराशि गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा के तत्वावधान में इस राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ मा0 जनपद न्यायाधीश द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन करके किया गया। मा0 जनपद न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एंव उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा जनपद एटा को 40,000 हजार वादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हम सभी को मिलकर इस रिकार्ड को तोडकर इस लोक अदालत को सफल बनाना है। कोई भी विवाद ऐसा नहीं है जिसका निपटारा हम आपसी बातचीत व समझौता के आधार पर न कर सके।
मा0 जनपद न्यायाधीश द्वारा उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारीगणों को निर्देशित किया गया कि यदि आपको वादकारीगणों के जुर्माने से संबंधित मामलों में जुर्माना कम करने का अधिकार है तो आप वादकारीगणों के अधिक से अधिक जुर्माने को कम कर वाद को निस्तारित करने का प्रयास करें जिससे वादकारियों को इस आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सकें तथा इस लोक अदालत को सफल बनाया जा सके।
इस अवसर पर राजबहादुर सिंह मौर्या प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय एटा, श्रीमती अल्पना, एम0ए0सी0टी0 एटा, नरेन्द्र कुमार सिंह,अपर जिला जज कक्ष सं0-(1), एटा,श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव, वीर भद्र, अली रजा, विकास गुप्ता, रामबाबू यादव, सुबोध भारती, विपिन कुमान III, विनोद कुमार, हिमांशु कुमार सिंह,अपर जिला एंव संत्र न्यायाधीश एंव अनिल कुमार सी0जे0एम0, मंगल देव सिंह, सुश्री दीक्षा यादव, श्रीमती प्रगति सिंह, सिद्धार्थ वरगोती, सुश्री जाग्रति, सुश्री मिना अख्तर, श्रीमती कमलेश कुमारी आदि न्यायिक अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे।