
लोन पास होने पर भी अड़ंगा लगा रहे बैंक, वेंडर परेशान
एटा, । पीएम स्वनिधि योजना के तहत बैंक लोन स्वीकृत होने के बाद भी बैंक शाखाएं स्ट्रीट वेंडरों को लोन की धनराशि देने से आना कानी कर रही है। इसके कारण परेशान स्ट्रीट वेंडर पालिका एवं बैंक शाखाओं के चक्कर काट रहे है।
स्ट्रीट वेंडरों को आत्म निर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई पीएम स्वनिधि योजना नगर पालिका क्षेत्र में असफल होती नजर आ रही है। इसका मुख्य कारण है कि जिन स्ट्रीट वेंडरों के बैंक लोन स्वीकृत हो चुके हैं, उन लोगों को भी बैंकें स्वनिधि के तहत लोन देने में आनाकानी कर रही है। नगर पालिका को शहर के 550 स्ट्रीट वेंडरों को आत्म निर्भर बनाने के लिए बैंक लोन दिलाने के लक्ष्य प्राप्त हुआ है। लक्ष्य के सापेक्ष नगर पालिका ने 135 स्ट्रीट वेंडरों को बैंक लोन दिलाने के लिए उनके आवेदन कर दिए है। बैंकों ने 92 स्ट्रीट वेंडरों के लोन स्वीकृत कर दिए है। वहीं लोन की धनराशि अब तक कुल 27 वेंडरों को ही दी है। शेष 65 वेंडरों को अब तक लोन की धनराशि नही दी गई है। इसके कारण शेष सभी स्ट्रीट वेंडर प्रतिदिन पालिका और संबंधित बैंक शाखाओं के चक्कर काट परेशान हो रहे है। शुक्रवार को नगर पालिका स्वनिधि प्रभारी फैजान ने बताया कि नगर पालिका ने लक्ष्य के सापेक्ष 135 वेंडरों के आवेदन ऑनलाइन कर दिए है। जिसमें से 92 लोन एक माह पहले ही स्वीकृत हो गए। लेकिन बैंकों ने अब तक 27 लोगों को लोन की धनराशि दी है। शेष वेंडर प्रतिदिन बैंक और पालिका के चक्कर काट शिकायत कर रहे है।
बैंकें स्ट्रीट वेंडरों को लोन देने के लिए बिल्कुल तैयार बैठी है। वेंडर लोन लेने ही नही आ रहे है। अगर ऐसा लग रहा है कि बैंके पीएम स्वनिधि के तहत वेंडरों को लोन देने से आना कानी कर रही हैं, तो पालिका एक दिन सभी वेंडरों को बुला ले, हम पालिका के अंदर ही कैंप लगाकर सभी को लोन दे देगे। पालिका स्वनिधि के तहत स्वयं लापरवाह बनी हुई है, 550 में से अब तक कुल 135 लोगों का ही आवेदन ऑन लाइन किया है। गलती बैंकों की बता रहे है।
वीरेंद्र सिंह, अग्रणी बैंक प्रबंधक एटा।