जल जीवन हरियाली योजना में पबड़ा की पूर्व मुखिया पर लगाया राशि गबन का आरोप
अविनाश रंजन की रिपोर्ट

बिहार बेगूसराय न्यूज़
मंझौल. पबड़ा पंचायत की पूर्व मुखिया राजकुमारी देवी पर जल जीवन हरियाली अभियान योजना में गलत ढंग से राशि निकासी करने का आरोप लगाया गया है. जानकारी के अनुसार एसडीएम मंझौल एवं बीडीओ चेरिया बरियारपुर सहित अन्य को प्रेषित पत्र में मुखिया पर अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने की बात कही गई है. बताया जाता है उक्त मामले में इसी गांव निवासी विपिन सिंह के पुत्र प्रभाकर कुमार ने वित्तीय वर्ष 2016 से 2021 के बीच पबड़ा पंचायत में हुए जल जीवन हरियाली अभियान के तहत कार्य एवं व्यय राशि का ब्योरा सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी थी. परंतु पबड़ा पंचायत के पंचायत रोजगार सेवक सह लोक सूचना पदाधिकारी के द्वारा आधी अधूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई. तत्पश्चात आवेदक के द्वारा गुगल इंजन पर सर्च कर डिटेल निकाला गया. तो वह भौचंक रह गया. आवेदक ने बताया लोक सूचना पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध डिटेल में मात्र दो महिलाओं के नाम पर अलग-अलग लगभग साढ़े 29 हजार ही निकासी का ब्यौरा दिया गया. जबकि उक्त योजना की ऑनलाइन रिपोर्ट साजिश के तहत सरकारी राशि का बंदरबाट एवं पंचायत स्तर पर बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है.
पूर्व मुखिया पर पति, पुत्र एवं देवर के नाम राशि निकासी का लगाया जा रहा आरोप
पबड़ा निवासी समाजिक कार्यकर्ता प्रभाकर कुमार के द्वारा भेजे गए पत्र में राशि निकासी संबंधी डिटेल की कॉपी भी संलग्न किया गया है. जिसमें स्पष्ट रूप से पूर्व मुखिया द्वारा अपने पति, पुत्र एवं देवर को लाभ पहुंचाने का ब्योरा प्रस्तुत किया गया है. जिसमें पूर्व मुखिया के पुत्र क्रमशः पंकज कुमार, नीरज कुमार, रजनीकांत परवीन तीनों पिता अवधेश सिंह पर वित्तीय वर्ष 2017 में सभी पर बराबर-बराबर एक लाख दो हजार सैंतीस रूपए, वित्तीय वर्ष 2018 में रजनीकांत परवीन एवं अवधेश सिंह दोनोें पिता एवं पुत्र पर दो लाख एक सौ 39 रूपए, वित्तीय वर्ष 2017 एवं 2018 में अपने देवर नरेश प्रसाद सिंह पिता कृति नारायण सिंह पर क्रमशः एक लाख दो हजार 37 रुपये एवं दो लाख एक सौ उनचालिस रूपये राशि की निकासी की गई है. जबकि धरातल पर कहीं एक पेड़ भी नहीं लगाया गया है. जो बड़े पैमाने पर सरकारी राजस्व के गबन की ओर इशारा करता है. साथ ही पत्र की प्रतिलिपि निबंधित डाक से जिला पदाधिकारी बेगूसराय, मुख्यमंत्री बिहार सरकार, मुख्य सचिव बिहार सरकार, पंचायती राज मंत्री बिहार सरकार को भेजकर जांच कराते हुए मामले का पटाक्षेप करने तथा सरकारी राजस्व की क्षति होने से बचाने का आग्रह किया गया है.
आपराधिक छवि के हैं पूर्व मुखिया पुत्र एवं वर्तमान पबड़ा के मुखिया पति
आवेदक ने प्रेषित पत्र में भूतपूर्व मुखिया के पुत्र एवं वर्तमान मुखिया प्रीति देवी के पति रजनीकांत प्रवीण के अपराधिक छवि की भी चर्चा की है. आवेदक ने बताया है कि मंझौल थाना कांड संख्या 168/22 में मुखिया पति साजिशकर्ता के तौर पर नामजद अभियुक्त हैं. उक्त कांड के आवेदक अरविंद मोथा नोनिया ने अपने उपर हुए गोलीबारी में मौत के मुंह से निकलने के बाद मामला दर्ज कराया था. जिसमें गोलीबारी के तीनों आरोपियों को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है. जबकि मुख्य साजिशकर्ता मुखिया पति पुलिस प्रशासन के आंख में धूल झोंककर फरार चल रहा है. मुखिया पति के आपराधिक छवि के कारण पंचायत वासी डरे-सहमे जीवन यापन करने को मजबूर हैं!