आखिर क्यों

एटा,जिले में अवैध तरीके से चल रहे नर्सिंग होम पर अधिकारियों की आंखें आखिर बंद क्यों है, कई बार घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें जच्चा और बच्चा की मौत भी हुई है अकेले जच्चा की भी मौत हुई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के मुखिया मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित तमाम जिम्मेदार अधिकारियों ने इन सब घटनाओं को एक तरह से नजरअंदाज कर दिया है, हाल ही में शिकोहाबाद रोड पर पूर्णागिरि नर्सिंग होम में भी एक महिला की मौत हुई जिसके बाद संचालिका ने सीएमओ ऑफिस में मौजूद दलालों के माध्यम से कार्यवाही नहीं होने दी और पीड़ित से लाखों में समझौता कर लिया, आज फिर एक महिला की मौत हो गई जिसके बाद नाराज परिजनों ने हॉस्पिटल में जमकर हंगामा किया लेकिन एक बार फिर घटनाएं जरूर हो रही है लेकिन जिम्मेदारों की आंखों पर पट्टी बनी हुई है कोई भी जिम्मेदार भी बताने को तैयार नहीं है कि आखिरकार ऐसा हो क्यों रहा है और अगर हो रहा है तो कार्रवाई के नाम पर जिम्मेदार अधिकारी कुछ करते क्यों नहीं
आखिर क्यों