
कासगंज की पुरावस्तुओं की अमेरिका में बिक्री
कासगंज। करीब 12 हजार किलोमीटर दूर अमेरिका में कासगंज की प्राचीनता, उसकी खासियत लोगों से रूबरू हो रही है। वो भी अमेरिकी ई कॉमर्स साइट ईबे पर। यहां की खासियत लिए हुए प्राचीन तस्वीरें, जुड़े अभिलेख, चिट्ठियां उस पर अच्छे-खासे भावों में बिक रही हैं। ये सब देखकर स्थानीय लोग अचंभित हैं और रोमांचित भी हो रहे हैं।
ई-कॉमर्स वेबसाइट पर कासगंज से अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी को पोस्ट किए गए पत्रों के लिफाफे और कासगंज में खींची कुछ ऐतिहासिक तस्वीरों के साथ उस दौर के अभिलेखों की ऑनलाइन बिक्री चल रही है। वेबसाइट पर इन सभी पुरावस्तुओं का कालखंड वर्ष 1881 से लेकर वर्ष 1951 के बीच का बताया गया है। कासगंज की प्राचीन तस्वीरों में वहां की नदरई एक्वाडक्ट (जो आज भी सही सलामत और क्रियाशील है) की फोटो भी हैं। साइट पर पत्र लिफाफों की ऑनलाइन कीमत 8 डॉलर से लेकर 67 डॉलर तक है, वहीं, नदरई एक्वाडक्ट की तस्वीरों और उससे जुड़े अभिलेखों की कीमत भी 5 से 25 डॉलर की बीच रखी गई है।
कासगंज के नदरई पुल की ऐतिहासिक तस्वीर की हो रही ऑनलाइन बिक्री।
● अमित तिवारी
भारत में ब्रिटिश राज के दौरान कासगंज से इंग्लैंड व अमेरिका समेत कई देशों के बीच पत्राचार होता था। कई अंग्रेज अधिकारियों ने कासगंज में प्रवास किया। उस दौर के तमाम पत्र तस्वीरें और मूल अभिलेख एवं उनकी प्रतियां मौजूदा दौर में इंग्लैंड अमेरिका समेत कई देशों की ई कॉमर्स वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
-राजा राव मुकुल मान सिंह, कासगंज पुरा जानकार