के ए पी जी कॉलेज कासगंज में सम्पन्न हुआ राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

के ए पी जी कॉलेज कासगंज में सम्पन्न हुआ राष्ट्रीय कवि सम्मेलन
कासगंज (सम्वाददाता)। के ए पीजी कॉलेज कासगंज में स्वर्गीय श्री कपूर चंद्र जैन की 26 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्व. श्री कपूरचंद्र जी जैन कि 26वीं पुण्यतिथि पर सारथी परिवार और के ए पीजी कॉलेज कासगंज के संयुक्त तत्वावधान कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम मां सरस्वती एवं स्वर्गीय श्री कपूरचंद जैन के चित्रों पर दीपार्चन और माल्यार्पण श्री विनय कुमार जैन एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार रुस्तगी ने किया।
कवि सम्मेलन के आरम्भ से पूर्व स्वर्गीय श्री कपूर चंद जैन जी के जीवन पर उनके सुपुत्र श्री विनय कुमार जैन ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा स्मृति पत्र का वाचन डॉ नरेश चंद्र भारद्वाज ने किया।
श्री विनय कुमार जैन ने महाविद्यालय में निर्माणाधीन आधुनिक पुस्तकालय के लिए एक बड़ी धनराशि भी दान दी तथा महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ बी के तोमर, डॉ मिथिलेश कुमारी और डॉक्टर बृजेंद्र ने भी पुस्तकालय के लिए दान देने की घोषणा की।
कवि सम्मेलन का आरम्भ दिल्ली से पधारे कवि रसिक गुप्ता के धुंआधार संचालन में सभी कवियों का शानदार काव्यपाठ हुआ। डॉ रसिक गुप्ता ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि
पथ प्रदर्शक बनी युगों से, है कलम की धार ही,
सार्थक हो जिंदगी बेशक जिएँ दिन चार ही,
मोक्ष हम पाएँ न पाएँ, चाहते केवल यही,
जन्म भारत मे मिले, हम कवि बनें हर बार ही
लाफ़्टर चेम्पीयन विनोद पाल ने हास्य की तमाम सीमाओं को तोड़ते हुए कासगंज में एक लम्बी लकीर खींच दी। उन्होंने कहा कि
सुंदर सपन सलोने चुनना, बुरे ख़्वाब को मत चुनना,
खो दे जो पहचान तुम्हारी उस नक़ाब को मत चुनना,
और मेरी बच्चियों मेरी ये बात बस याद तुम रखना,
रवि, सूर्य, दिनकर को चुनना आफताब को मत चुनना
मोहन मुन्तजिर ने अपने नये कलेवर से सभी का मन मोह लिया। उन्होंने काव्य पाठ करते हुए कहा
सागर में अपने धर्म का पैगाम लिख दिया
पत्थर पे वानरों ने श्री राम लिख दिया
हाथरस से पधारे ओपनर कवि मुनि प्रताप ने ओज की बहुत खूबसूरत प्रस्तुति के साथ सभी श्रोताओं को रोमांचित कर दिया।
उन्होंने कहा
जागो सोने का समय नहीं हम तुम्हें नहीं सोने देंगे,
श्री राम कृष्ण के भारत को कमजोर नहीं होने देंगे
डॉ अखिलेश गौड़ जी ने अपने गीतों से सबका मन मोह लिया।
उन्होंने जिंदगी की परिभाषा बताते हुए कहा कि
बहुत हिफाज़त से रखी बिखर गई ज़िन्दगी
मनोज मंजुल की ओज की कविताओं से सारा सदन झूम उठा।
आप कपूर चन्द जैन बंशीधर जी के लाल,
बंसी वाले जैसे ही तो आपके विचार थे।
स्वाभाव आपका था मर्यादा पुरषोत्तम सा,
इंसान ही नहीं आप देवता शुमार थे।
कवयित्री दीपाली जैन
और मंजू शाक्य ने जहाँ श्रोताओं को खूब हंसाया
वहीं रुबिया खान ने श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया
राम तुम्हारी अवधपुरी में हम मंदिर को बनाएंगे।
हर घर जाकर ये सन्देशा हम सबके पहुंचाएंगे।
देश के सुप्रसिद्ध कवि निर्मल सक्सेना ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया, उन्होंने कहा कि
मैं तुम्हें प्रीत करूँ तुम भी मुझे प्रीत करो।
इतना गुस्सा नहीं अच्छा है कि मन शीत करो।

शहर के गणमान्य और कालेज के प्रबुद्ध लोगों के साथ तमाम छात्र व छात्राओं ने कविताओं का भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार रुस्तगी ने आगंतुक सभी कवियों और नगर के गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया साथ ही उन्होंने यह कहा कि स्वर्गीय श्री कपूरचंद जैन जैसे देव तुल्य व्यक्तित्व शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देकर लाखों लाखों शिक्षार्थियों के भविष्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने महाविद्यालय के सभी घटकों का भी आभार व्यक्त किया तथा उन्होंने श्री विनय कुमार जैन और उनके परिवार को साधुवाद दिया।
कवि सम्मेलन में श्रीमती कमल जैन, यश जैन के अतिरिक्त राव मुकुल मानसिंह, श्री संतोष माहेश्वरी श्री अनिल माहेश्वरी, डॉ सुरेंद्र गुप्ता, ज्ञान प्रकाश गुप्ता, राजेंद्र बौहरे, सहित कासगंज के सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति तथा महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक गण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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