जनपदीय कवि सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न हुआ

जनपदीय कवि सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न हुआ, रिपोर्ट योगेश मुदगलएटा महोत्सव में जनपदीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं को दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत कर जमकर वाह-वाही लूटी। कवि सम्मेलन में सर्व प्रथम काव्य प्रस्तुति करते हुए डॉ. धर्मेंद्र भदौरिया ने कहा कि राजनीति के दृश्य की कैसे होगी शुद्धि, मन तो है धृतराष्ट्र सा गांधारी सी बुद्धि।
कवि अनूप भावुक ने कविता सुनाई कि गलती माली से हुई, या प्रकृति का खेल घट रहे हैं वृक्ष, बढ़ रही अमरबेल। राजेश यादव ने रचना सुनाई कि एक वैदिक ही धर्म है आर्यों के देश में। कवि राकेश शम्स ने कहा कि यही सौभाग्य है मेरा मिली है राम की धरती, जहां आदर्श सीता का वह सीताराम की धरती। डॉ. पीएस चौधरी आलम ने कहा कि हमें हर हाल में भारत को अब बचाना है, मेरे मोदी तेरी इस शान को निभाना है। डॉ. सुधीर पालीवाल ने शीतलहर में देखो, थरथर कांप रहा मजदूर, किसान फटी पुरानी चादर तन पर ढांक रहा मजदूर किसान। अशोक वेद ने कविता सुनाई कि आकार दिया था जिन भावों को। कवि राजेश जैन ने कविता का बाजार बड़ा ही महंगा है, कविता सुनाई। कवियत्री डॉ. श्यामलता वेद ने रचना सुनाई कि जो भी मुझे अच्छा लगा उम्र भर अच्छा लगा। इनके बाद कवि विपिन शर्मा, डॉ राजेंद्र यादव, सत्यवीर सिंह सिकरवार, विवेक दुबे,सहित अन्य कवि, कवियत्रियों ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आरएसएस जिला प्रचारक विकास, नगर प्रचारक मानवेंद्र सिंह, कार्यक्रम संयोजक वीरेंद्र वार्ष्णेय, विशाल अग्रवाल, बॉबी वार्ष्णेय, कवि राजकुमार भरत, मुकेश मीत ने संयुक्त रूप से मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। एडीजे नरेंद्र सिंह, डॉ. अरुण राजोरिया, सचिन उपाध्याय, डॉ. प्रेमीराम मिश्रा, राकेश गांधी, राजेश सक्सेना, प्रमोद कुमार वर्मा, प्रेमचंद उपाध्याय, रवीश चंद्र, विजय कुमार, कैलाश उपाध्याय, उमाकांत तिवारी, शशांक तिवारी,आदि मौजूद रहे।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks