सभी सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों पर मनाया एकीकृत निक्षय दिवस
एटा,

देश को साल 2025 तक क्षय रोग (टीबी) मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर सोमवार को एकीकृत निक्षय दिवस मनाया गया। इस दिवस का उद्देश्य टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, गुणवत्तापूर्ण इलाज और योजनाओं का लाभ दिलाना है।
एकीकृत निक्षय दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विजिट के दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ राजेश शर्मा ने बताया कि प्रत्येक माह की 15 तारीख को आयोजित होने वाला निक्षय दिवस अब एकीकृत निक्षय दिवस हो गया है। एकीकृत निक्षय दिवस पर संभावित क्षय रोगियों के अलावा कुष्ठ, कालाजार और फाइलेरिया रोगियों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। हालांकि जिले में कालाजार व फाइलेरिया के रोगी नहीं पाए जाते लेकिन सावधानी बरतते हुए कालाजार और फाइलेरिया की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। 15 जनवरी को रविवार होने के कारण 16 जनवरी को एकीकृत निक्षय दिवस का आयोजन टीबी यूनिट के साथ साथ सभी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर किया गया। इस दौरान संभावित क्षय रोगियों की बलगम की जांच की गई। साथ ही क्षय रोगियों के लिए हर जरूरी दवाएं बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा टीबी से बचाव व उपचार के बारे में परामर्श दिया गया। केंद्रों पर उपलब्धता के आधार पर मरीजों की एचआईवी, डायबिटीज व अन्य जांच सुनिश्चित की गईं।
पब्लिक प्राइवेट मिक्स (पीपीएम) कोऑर्डिनेटर आशीष पाराशरी ने बताया कि पिछले वर्ष 2022 में कुल 4745 टीबी रोगी टीबी का इलाज लेकर स्वस्थ हो चुके हैं। व इस समय 2147 मरीजों उपचाराधीन है। उन्होंने बताया कि क्षय रोग (टीबी) एक गंभीर समस्या है लेकिन इसका आसानी से इलाज उपलब्ध है। समय से उपचार हो जाने पर यह बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को 2 सप्ताह से अधिक समय तक खांसी आती है, बलगम व बलगम में खून आता है, सीने में दर्द होता है तो उस व्यक्ति को तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। यदि टीबी रोगी नियमित रूप से दवा का सेवन करता है तो वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकता है। टीबी मरीजों को इलाज के दौरान हर माह पोषक आहार के लिए 500 रुपए उनके खाते में दिए जाते हैं।
इस दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ नकुल राना, एमओआईसी बागवाला डॉ नीतू, डीपीसी दिलीप शर्मा, डीपीटीसी अरविंद सिंह चौहान, जितेंद्र आदि लोग मौजूद रहे।