फर्जी प्रमाणपत्रों से इलाज कर रहे डॉक्टरों पर सीबीआई का शिकंजा*

एफएमजी परीक्षा के जाली उत्तीर्ण प्रमाणपत्र सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद
*फर्जी प्रमाणपत्रों से इलाज कर रहे डॉक्टरों पर सीबीआई का शिकंजा*


नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश में फर्जी डॉक्टरों को लेकर सीबीआई लगातार एक के बाद एक खुलासा कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को सीबीआई ने फर्जी प्रमाणपत्रों पर चिकित्सा परिषदों द्वारा विदेशी चिकित्सकों के पंजीकरण के संबंध में जांच की।

सीबीआई ने देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 91 स्थानों पर तलाशी ली है। तलाशी अभियान में एफएमजी परीक्षा के जाली उत्तीर्ण प्रमाणपत्र सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने जाली प्रमाणपत्र के आधार पर चिकित्सा परिषदों के साथ पंजीकरण कराने वाले फर्जी विदेशी चिकित्सा स्नातकों के मामले में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 91 स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया है।

यहां ली तलाशी सीबीआई ने दिल्ली, चंडीगढ़, अमृतसर, गुरदासपुर, बठिंडा, खन्ना, करनाल, सवाईमाधोपुर, नरवाना, हमीरपुर, शिमला, जम्मू, श्रीनगर, देहरादून, गाजियाबाद, गुवाहाटी, तेजपुर, इंफाल, सिक्किम, राजपुर, पटना, मुंगेर, मुंबई, जयपुर, सीकर, विजयवाड़ा, वारंगल, तिरुनेलवेली, मदुरै, भोपाल, नागपुर, बुलढाणा, पुणे, जलगांव, धरभंगा, भागलपुर, चंपारण, बेगूसराय, बोकारो, विजाग, हाजीपुर, वैशाली, नालंदा सहित लगभग 91 स्थानों पर स्थित कुछ चिकित्सा परिषदों के साथ-साथ विदेशी चिकित्सा स्नातकों के परिसरों में तलाशी ली।

यह है मामला आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने के जाली प्रमाण पत्र के आधार पर कई राज्यों में चिकित्सा परिषदों के साथ विदेशी चिकित्सा स्नातकों के पंजीकरण में अनियमितताओं का मामला सीबीआई के पास आया था।

इन आरोपों पर राज्य चिकित्सा परिषदों एवं एमसीआई के अज्ञात लोक सेवकों, 73 विदेशी चिकित्सा स्नातकों और अन्य अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के विरुद्ध 21 दिसंबर 2022 को मामला दर्ज किया गया था। यह आरोप है कि अनिवार्य योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहने वाले 73 विदेशी चिकित्सा स्नातक कई राज्यों में चिकित्सा परिषदों के साथ स्वयं को पंजीकृत कराने में कामयाब रहे। यह भी आरोप है कि इन जाली प्रमाणपत्रों पर पंजीकरण कराकर उम्मीदवारों ने देशभर के अस्पतालों में प्रैक्टिस करने या नौकरी हासिल करने की योग्यता हासिल कर ली। इनमें से कई ने काम भी शुरू करदिया था। मामले की विस्तृत पड़ताल जारी है।

ये हैं आरोप नियमों के अनुसार, विदेश से मेडिकल स्नातक करने वाले छात्र को भारत में प्रैक्टिस करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग या राज्य चिकित्सा परिषद संग स्थायी पंजीकरण प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड की एफएमजीई/स्क्रीनिंग टेस्ट अनिवार्य तौर पर उत्तीर्ण करना होता है।

73 विदेशी स्नातक ने नहीं की एफएमजीई परीक्षा उत्तीर्ण
राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने स्वास्थ्य मंत्रालय को सूचना दी थी कि 2011-22 के दौरान रूस, यूक्रेन, चीन और नाइजीरिया जैसे देशों से एमबीबीएस करने वाले 73 मेडिकल स्नातकों ने भारत में एफएमजीई परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। इसके बावजूद उन्हें विभिन्न राज्य चिकित्सा परिषद से पंजीकरण हासिल हो गया है। ऐसे गैर योग्य व्यक्तियों के इस तरह की धोखाधड़ी और फर्जी पंजीकरण नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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