*कोरोना पर मॉक ड्रिल में अस्पतालों की पोल खुली, रिपोर्ट योगेश मुदगल

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। चीन समेत अन्य देशों में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंगलवार को पूरे प्रदेश में माक ड्रिल कर कोरोना से बचाव व इलाज की तैयारियों को परखा गया। माकड्रिल ने तकनीकी और व्यवस्थागत दोनों तरह की खामियों को उजागर कर दिया। अधिकांश जिलों में आक्सीजन प्लांट, उसकी सप्लाई लाइन में दिक्कतें पाई गईं। मरीज को बेड तक पहुंचाने के लिए तय रिस्पांस टाइम से भी स्वास्थ्यकर्मी चूक गए।
माकड्रिल में सामने आई तमाम खामियों को तत्काल दूर करने का प्रयास स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने किए जिसमें बहुत हद तक सफलता भी मिली। अन्य खामियों से संबंधित रिपोर्ट जिलों से महानिदेशालय को भेजी जा रही हैं।
गोरखपुर के चौरीचौरा सीएचसी में मॉकड्रिल के दौरान ऑक्सीजन प्लांट खराब मिला जबकि हरनही सीएचसी और बड़हलगंज स्थित होम्योपैथी मेडिकल कालेज में प्लांट से बेड तक आक्सीजन सप्लाई का प्रेशर मानक के अनुरूप नहीं मिला। 100 बेड टीबी अस्पताल में बाहर से कर्मचारी बुलाकर मॉकड्रिल कराई गई जो प्रशिक्षित नहीं थे।
देशभर में परखीं तैयारियां
नई दिल्ली। देशभर में मंगलवार को महामारी से निपटने की तैयारियां परखी गईं। उत्तर से दक्षिण तक सभी सरकारी अस्पतालों में मैराथन जांच की गई। जिन अस्पतालों में कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया खुद सफदरजंग अस्पताल पहुंचे