
*डिग्री होम्योपैथिक इलाज एलोपैथ का*
*ऐसे में क्या होगी मरीजों की हालत*
एमबीबीएस डिग्री बोर्ड में लिखवाकर करने लगे इलाज काटने लगे मरीजों की जेब। बिल्कुल ऐसा ही नजारा कौशांबी जनपद में हो रहा है सरकारी मापदण्ड में भले ही ये निजी अस्पताल खरे न उतरे लेकिन बोर्ड में 24 घंटे चिकित्सा और एम्बुलेंस की उपलब्धता का बोर्ड लगे हुए मिल जाएंगे। भले ही मरीजो का इलाज करने वाले व्यक्ति के पास एलोपैथी से इलाज करने की कोई डिग्री न हो। ऐसा ही एक अस्पताल तिल्हापुर मोड़ बाजार के विष्णु भगवान गेस्ट हाउस की गली में स्थित है जिसका नाम है कुशल पाली क्लीनिक। जहां एमबीबीएस डिग्री धारक डाक्टरों का बोर्ड लगाकर झोलाछाप ही इलाज कर रहे है। क्लीनिक में अशोक कुमार प्रजापति BHMS हैं मुख्य डाक्टर और बिना डिग्री के अभिमन्यु है फिजीशियन। क्लीनिक के अंदर और बाहर कूड़ा करकट का अंबार लगा हुआ है। जो लगभग 15 × 40 के एक हाल में संचालित किया जा रहा है। उसी हाल में मरीजों के लिए चार बेड लगाए गए है।कुछ लोगो ने बताया किMBBS डॉक्टरों का कभी आगमन नही होता। वह सिर्फ बोर्ड पर नाम दर्ज करवा देते है। जबकि क्लीनिक में मौजूद झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर मनमानी रकम वसूलते है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि ऐसे अस्पताल पूरे जिले में संचालित हो रहे है लेकिन सीएमओ साहब क्यों ध्यान नही दे रहे है फिर आखिर क्यों ?