सर्दी बढ़ते ही पशुओं को हो रहा प्ल्यूरो निमोनिया, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा – सर्दी के मौसम में पशु पालकों को अपने दुधारू पशुओं को बचाने के लिए सावधानी बरतनी होगी, नहीं तो गलन भरी सर्दी में पशु को प्ल्यूरो निमोनियां जैसी घातक बीमारी से ग्रस्त होना पड़ सकता है। इससे पशु की मौत भी हो सकती है। क्यों कि इस बीमारी से बचाने के लिए पशु पालन विभाग के पास कोई टीका उपलब्ध नहीं है।
निमोनिया से बचाने के ये हैं उपाय
एटा। सदर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने बताया कि पशुओं को साफ एवं सूखे स्थान पर बांधे, पशु बांधने वाले स्थान पर चूने का छिड़काव करें। पशुओं को हवा एवं कोहरा रहित स्थानों पर बांधे एवं उनके पास धुआं रहित आग जलाएं। पशुओं को ठंडी हवाओं के संपर्क में न आने दे। नाद में रातब चारा डालने से पहले नाद की अच्छी तरह सफाई करले। पशुओं को गीले स्थान पर कतई न बांधे।
यह है प्ल्यूरो निमोनिया के लक्षण
एटा। पशु चिकित्सकों के अनुसार प्ल्यूरो निमोनिया होने पर पशु में कंपकंपी के साथ बुखार आने के साथ नाक से पानी निकलना जैसे लंक्षण दिखते हैं। अगर पशु के अंदर यह लंक्षण देखने को मिले तो पशु पालक तत्काल पशु को चिकित्सालय लेकर आए या फिर पशु चिकित्सकों की टीम को फोन कर बलाए। जिससे समय रहते ही बीमार पशु का इलाज किया जा सके और पशु को मरने से बचाया जा सके।
सोमवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सर्दी बढ़ने ही जनपद के कुछ पशुओं में प्ल्यूरो निमोनिया बीमारी लक्षण देखने को मिल रहे है। इसमें दुधारू पशु प्रमुख हैं। इस बीमारी से ग्रस्त दिन में एक से दो पशु अस्पतालों में आ रहे हैं, जिनका पशु चिकित्सकों के माध्यम से समुचित इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्ल्यूरो निमोनियां से पशु को बचाने के लिए पशु पालन विभाग के पास अलग से कोई वैक्सीन आदि नहीं है। इस बीमारी से ग्रस्त पशुओं का इलाज एंटीबॉयोटिक एवं सर्दी, बुखार में उपयोग होने वाली दवाओं एवं इंजेक्शन से ही किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बीमारी बचाने के लिए पशुओं को सर्दी बचाने के साथ साफ सफाई का ध्यान बेहद ही आवश्यक है।