रेलवे के निजीकरण ठेकेदारी, बेरोजगारी मंहगाई के खिलाफ ईश्वर शरण डिग्री से प्रयाग स्टेशन तक सत्याग्रह यात्रा


रेलवे के निजीकरण ठेकेदारी, बेरोजगारी मंहगाई के खिलाफ ईश्वर शरण डिग्री से प्रयाग स्टेशन तक सत्याग्रह यात्रा निकाला गया।
18 दिसम्बर 2022 को लोक समाज पार्टी जिला प्रयागराज इकाई द्वारा रेलवे की निजीकरण ठेकेदारी बेरोजगारी, मंहगाई के खिलाफ सत्याग्रह यात्रा निकाला गया,जिसकी अगुवाई डॉक्टर संगीता विश्वकर्मा ने किया। उक्त अवसर पार्टी के राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र कुमार शर्मा,राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर शशी कुमार विश्वकर्मा, राष्ट्रीय महिला सभा अध्यक्ष डॉक्टरअरुण शर्मा, सरोज विश्वकर्मा, पूर्वांचल उत्तर अध्यक्ष नरेश कुमार विश्वकर्मा, पूर्वांचल उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री विशोक विश्वकर्मा, पुर्वांचल उत्तर प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष दशरथ लाल पटेल, पूर्वांचल उत्तर प्रदेश महासचिव विमल कुमार शर्मा, सांस्कृतिक जिला अध्यक्ष दिलकश भारती,(ऐडवोकेट) यश नाथ शर्मा, सुनील विश्वकर्मा, रवि शर्मा आकाश शर्मा,वाराणसी जिला अध्यक्ष राम नारायन विश्वकर्मा, छात्र सभा के अध्यक्ष आकाश विश्वकर्मा, प्रयाग स्टेशन पर सैकडो लोग शामिल हुए।
ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज से प्रयाग स्टेशन लगातार रेलवे के निजीकरण ठेकेदारी, बेरोजगारी,मंहगाई के खिलाफ नारा लगाते हुऐ प्रयाग स्टेशन पहुंचे। वही पर जनसभा किया गया। उस मौके पर लोक समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शंकर शर्मा (ऐडवोकेट) ने कहा कि भारत सरकार रेलवे सहित अन्य सरकारी संस्थाओं का निजीकरण बदनियती से कर रही है। उनका मकसद है कि देश में एक वर्णवादी व्यवस्था कायम किया जाए और ठेकेदारी के माध्यम से लोगों को शोषण किया जाए जो भारतीय जनता पार्टी की सरकार पिछले 8 सालों से अपने मकसद में सफल हो चुकी है। अभी कुछ महीना पहले भारत सरकार के प्रधानमंत्री ने यह घोषणा किया कि भारत सरकार देश में 200000 लोगों को रोजगार देगी जबकि देखने में यही आ रहा है की रोजगार मेला के माध्यम से लोगों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है ।प्रश्न यह उठता है जब भारत सरकार के अंतर्गत स्टाफ सिलेक्शन कमीशन और संघ लोक सेवा आयोग है तो निजी करण ठेकेदारी के बढ़ावा देने के लिए यह बेरोजगार मेला का कंसेप्ट कहां से आ गया?
उन्होंने आगे कहा बेरोजगारी पर तभी लगाम लग सकता है जबकि 1992 के पहले की तरह भारत सरकार सहित राज्य सरकारें भी अपने अपने राज्य में हर साल कम से कम 2_3 कारखाने लगवा में और जब सरकारी कारखाने लगेंगे तो लोगों को सरकारी नौकरी मिलेगा जिससे उनको पूरा वेतन मिलेगा और उनके परिवार के आर्थिक स्थिति में बेहतरीन होती चली जाएगी। आज के दौर में चाहे भारत सरकार हो या राज्य सरकार निजी करण ठेकेदारी के माध्यम से अपने अपने लोगों को खासकर एनजीओ को चलाने वाले लोगों को ठेके पर लग देते हैं।ठेके पर काम करने वाले लोगों को मात्र 7000 से लेकर के अधिकतम 10 _12 हज़ार रुपए प्रति माह वेतन दिया जाता है जबकि वह ठेकेदार उस विभाग से पूरा वेतन लेता है और इस प्रकार हर राज्य के मुख्यमंत्री देश के प्रधानमंत्री संबंधित विभाग के मंत्री गण यह बखूबी जानते हैं कि ठेकेदार बेरोजगार युवकों का शोषण करता है लेकिन कोई भी इस शोषण के खिलाफ मुंह नहीं खुलता वहीं महंगाई के मुद्दे पर लोग समाज पार्टी के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा ने आगे कहा कि महंगाई को रोकने के लिए सबसे पहले विधानसभा और लोकसभा का चुनाव सरकारी फंड से कराना होगा जो जस्टिस बी एम तरकुंडे की रिपोर्ट में भी ऐसी मांग की गई है जब विधानसभा लोकसभा का चुनाव सरकारी फंड से होगा तो कारपोरेट घराने के पैसों से सरकारी नहीं बनेंगे तब उनको देश के लोगों को लूटने का मौका नहीं मिलेगा और इस प्रकार इस प्रकार महंगाई पर लगाम लग सकेगा।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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