*30 साल बाद लूट-हत्या में पांच आरोपी दोषमुक्त करार, रिपोर्ट योगेश मुदगल

फिरोजाबाद, । 30 वर्ष पहले लूट एवं हत्या के आरोपितों को न्यायालय ने दोषमुक्त करार दिया है। उनके खिलाफ कोई भी ठोस सबूत न होने पर कोर्ट ने ये फैसला सुनाया।
वर्ष 1992 में दिखतौली निवासी राधेश्याम शर्मा पत्नी के साथ यादव कॉलोनी शिकोहाबाद से गांव जा रहे थे तभी रास्ते में उनकी हत्या की गई थी। उनके शरीर पर गहरे घाव थे। पांच लोगों पर रिवाल्वर छीनने, धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या का बेटी ने मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट में केस चला। एक आरोपी को एक साल, दूसरे आरोपी को दो साल की जेल भी हुई। बाद में वे जमानत पर बाहर रहे और मुकदमा लड़ते रहे। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र कक्ष संख्या 6 आजाद सिंह की कोर्ट में दोनों पक्षों के गवाहों को सुनने के बाद में आरोपित हीरेन्द्र पुत्र महावीर, गुरुदेव सिंह पुत्र जयवीर सिंह, छिद्दन उर्फ माधोसिंह, पप्पू उर्फ रघुवीर सिंह, गोविन्द सिंह पुत्र जयवीर को लूट एवं हत्या के आरोप से दोषमुक्त करार दिया है।