कठेरिया समाज के अधिवक्ताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी को भी आपत्ति कर ई मेल किया

निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद पर अनुसूचित जाति के लिए कोई पद आरक्षित ना होने के कठेरिया समाज के अधिवक्ताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी को भी आपत्ति कर ई मेल किया।

मैनपुरी मैनपुरी निकाय चुनाव के में अध्यक्ष पद के लिए अनुसूचित जाति के लिए कोई सीट आरक्षित न किए जाने पर जिला सत्र न्यायालय मैनपुरी के कठेरिया समाज के अधिवक्ताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी मैनपुरी को लिखित में ई मेल करआपत्ति दी गई उन्होंने कहा कि मैनपुरी नगर पालिका चुनाव में नगरपालिका सहित 10 नगर निकायों के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण सूची जारी की गई है उस आरक्षण सूची के अनुसार मैनपुरी जिले में 8 निकायों के अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग के लिए व एक महिला वर्ग के लिए और एक अनारक्षित किया गया है लेकिन अध्यक्ष पद के एक भी पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं किया गया है जबकि मैनपुरी जिले में यह पहला मौका है जिसमें अनुसूचित जाति के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं की गई पिछले चुनाव में 2017 में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 3 सीट आरक्षित की गई थी किंतु इस बार अनुसूचित जाति के लिए कोई सीट आरक्षित किए जाना भारतीय संविधान का उल्लंघन बताया है इस प्रकार से जारी किया गया अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण के नियमों का पालन नही किया गया भारतीय संविधान के अनुसार अनुसूचित जाति बर्ग के लिए कोई आरक्षित किया गया कठेरिया समाज के जिला एवं सत्र न्यायालय मैनपुरी उन्होंने कहा कि जनपद के लोगों की संख्या में काफी है किंतु फिर भी कोई सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं की गई है जनपद मैनपुरी के निकाय चुनाव में के लिए जारी आरक्षण सूची में चक्रानुक्रम का पालन नहीं किया गया जनपद मैनपुरी निकाय चुनाव में जारी सूची में भारतीय संविधान के नियमों का पालन नही किया गया उसके अनुसार अनुसूचित जाति का कोई भी आरक्षण नहीं दिया गया तथा आरक्षण सूची में पिछड़ा वर्ग को अत्यधिक मात्रा में आरक्षण दिया गया है तथा अनुसूचित जाति के लिए अनुच्छेद 332 भारतीय संविधान के तहत का कोई पालन नहीं किया गया उन्होंने जिला निर्वाचन आयोग मैनपुरी को नगर पालिका व नगर निकाय में अध्यक्ष पद हेतु जारी किया गया आरक्षण पर पुनःविचार करने की मांग की जिससे अनुसूचित जाति बर्ग के व्यक्तियों को अपने जिले में प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान हो सके उन्होंने राज्य निर्वाचन आयुक्त लखनऊ , मुख्य निर्वाचन आयुक्तनई दिल्ली एवं महामहिम राष्ट्रपति नईदिल्ली को ई मेल मेल किया गया इस अवसर पर देवेंद्र सिंह कटारिया एडवोकेट कहा इस प्रकार से अनुसूचित जाति के लिए कोई पद पर आरक्षण न देना भारतीय संविधान का उल्लंघन है उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक पार्टियों के अनुसूचित जाति वर्ग के राजनेताओं ने किसी भी प्रकार का कोई भी अपना बयान सोशल मीडिया पर न न्यूज़ पेपर में दिया जबकि मैनपुरी जनपद में 1 सीट विधानसभा ने आरक्षित है उस पर जो विधायक मौजूद है वह अपने आपको अपनी विधानसभा क्षेत्र का विधायक मानते हैं जबकि वह पूरे जिले के अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं उन्हें अपनी आपत्ति जिला निर्वाचन अधिकारी को देनी चाहिए थी किंतु उन्होंने अभी तक कोई बयान नही दिया जो बहुत ही खेद पूर्ण है इसकी सबने निंदा है और इसके अलावा ओमप्रकाश कठेरिया ने कहा कि राजनीतिक दल बहुजन समाज पार्टी ,भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी के अनुसूचित ने भी कोई आपति नही उठाई है सभी कठेरिया समाज के अधिवक्ताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी मैनपुरी से मांग की है कि जो निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद पर जो आरक्षण जारी किया गया है उस पर पुनर्विचार करते हुए अनुसूचित जाति वर्ग के लिए जिले में प्रतिनिधित्व देते हुए आरक्षित किए जाने की मांग की गई इसमे कठेरिया समाज के अधिवक्ता अमित कठेरिया , अनिल कठेरिया , इंदगोपाल वर्मा , शानू कठेरिया , धीरज वर्मा , छविनाथ कठेरिया एडवोकेट साथ थे

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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