बाल श्रम रोकने में प्रशासन नाकाम ईंट भट्ठों पर काम कर रहे हैं बच्चे

सरकार के लाख कवायद के बावजूद जिला प्रशासन और श्रम विभाग बाल श्रम को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।
वर्तमान समय में कैलारस में संचालित ईंट चिमनी भट्टा पर धड़ल्ले से बच्चों से काम कराया जा रहा है। कैलारस तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ईंट चिमनी भट्ठों पर भट्ठा संचालकों द्वारा नाबालिक बच्चों से काम कराया जा रहा हैं। ट्रैक्टर ट्राली में ईंट लादने से लेकर उतारने व बनाने तक की जिम्मेदारी इन मासूमों पर है। वहीं दूसरी तरफ श्रम विभाग द्वारा बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी रोकने के लिए दावे कागजों पर ही किए जा रहे है। श्रम विभाग द्वारा महीने में एकाध बार चेकिग अभियान चलाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जा रहा है। मासूम बच्चे ईंट भट़्ठों आदि पर काम करने को आज भी मजबूर हैं।नाबालिक बच्चों पर श्रम कराना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। किसी भी ईंट भट्ठा या होटल-ढाबा पर 14 वर्ष से नीचे के बच्चे काम करते हुए मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार बाल श्रम कराने वाले नियोक्ता पर मुकदमा दर्ज कराते हुए प्रति श्रमिक 20 हजार का प्रतिपूर्ति भी जमा कराया जाता है। बताया कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हित में काम कराया जा रहा है। योजना से पंजीकृत लगभग लाखों श्रमिकों को लाभांवित किया जा रहा है। मुरैना कलेक्टर ,सबलगढ़ एसडीएम सबलगढ़, कैलारस तहसीलदार। अन्य प्रशासन अधिकारी इस ओर ध्यान दें कैसे मामला ऐसे मामलों को गंभीरता से लें