
बदलते नियमों को खेल की परपकवता दिलाने वाला बताया अजय भदौरिया ने
बाह । वालीबाल के अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी अजय भदौरिया ने कहा है कि वालीबाल खेल के बदलते नियमों से खेल की परपक्वता और बढ़ेगी । उन्होंने साफ किया आज जो वालीबाल खेली और खिलाई जा रही है उससे अब कोई भी एक खिलाड़ी अपनी टीम की धुरी नहीं हो सकता । पहले दिन याद करते हुए उन्होंने कहा उन जेसे खिलाड़ी अपनी दम पर फंसे मैच निकाल ले जाते थे ।
अजय ने बताया कि अब खेल जो नए नियमों के तहत खेला जा रहा है वो टीम को एक लय में लाके परिणाम दिलाता है । वे साफ करते हुए कहते हैं कि अब वालीबाल खिलाड़ी ही वालीबाल खेल सकेंगे।आजकल के खिलाड़ी फायदे की सोचते है।उनका सोच खेल के अलावा अन्य कुछ नहीं अंक परिवर्तन प्रत्येक गलती पर होने से सभी को सजग होकर खेलना पड़ता है ।जबकि पहले पहली गलती के होते ही सर्विस बदलती रहती थी । उन्होंने साफ कहा पहले लोग अपने आपको दिखाकर वालीबाल का आनंद लेते थे ।।
एक प्रश्न के उत्तर में भदौरिया ने माना वालीबाल क्या कोई भी खेल हो एक विशेष छड़ खेल का भविष्य बना जाता है । वे कहते हैं उनके खेल केबाद एक दिन जब वो इंडिया के श्रेष्ठ ब्लाकर पर चढ़कर बाली मारने में सफल रहे उसी स्मेस ने उनके बाइस सालकेखेल का मार्ग बनाया ।
वे कहते हैं मेरे आदर्श मेरे पिता व मुझे समझने वाले कप्तान रणवीर सिंह जी ही रहे जिससे मैं खेल के बल पर 22साल तक खेला । वे दबी जुबां से यह भी स्वीकार गए यदि तत्कालीन समय में उत्तर प्रदेश की घ्टकवाद का में हिस्सा बन जाता तो मेरा भी कलर होता ।
वे अपनी बात यह कहकर खत्म करते हैं कि यदि आप कुछ नही मैदान पर देते हो तो बाप के नाम पर चल नहीं सकते हो । अर्थात खेल के बल पर ही स्तरीय खिलाड़ी बन सकते हो ।