
जिले में दो स्थानों पर ही महिलाओं को सीजेरियन की सुविधा
एटा – स्वास्थ्य विभाग जिले में दो स्थानों पर ही महिलाओं को सीजेरियन की सुविधा दे पा है। तीसरे स्थान सीएचसी अलीगंज पर स्त्रत्त्ी एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से सीजेरियन सुविधा बंद कर हो गई है।
एसीएमओ डॉ. सुधीर मोहन ने बताया कि जिले में दो स्थानों पर गर्भवती महिलाओं को सीजेरियन की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में मेडिकल कालेज और जलेसर सीएचसी पर गर्भवती महिलाओं के सीजेरियन किए जा रहे हैं। इससे पूर्व सीएचसी अलीगंज पर भी सीजेरियन सुविधा की शुरूआत कराई गई थी। उसके बाद सीएचसी पर कार्यरत स्त्रत्त्ी एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक का स्थानांतरण हो जाने के कारण यहां यह सुविधा बंद हो गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में अप्रैल से नवंबर तक 166 गर्भवती महिलाओं के सीजेरियन किये गए हैं, जिसमें से 146 सीजेरियन मेडिकल कालेज में स्त्रत्त्ी एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पायल जादौन की देखरेख में कराए गए हैं। सीएचसी जलेसर पर 19 और सीएचसी अलीगंज पर एक सीजर किया गया है। एसीएमओ ने बताया कि शासन से लगातार स्त्रत्त्ी एवं प्रसूति रोग चिकित्सक की मांग की जा रही है, जिससे जिले में अन्य सीएचसी, पीएचसी पर सीजेरियन की सुविधा शुरू की जा सके।
आठ माह में स्वास्थ्य केन्द्रों पर हुए 11,343 प्रसवएटा। नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डा. सुधीर मोहन स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2022 में अप्रैल से अब तक 11,343 गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव कए गए, जिसमें सर्वाधिक मेडिकल कॉलेज में लगभग 1200 से अधिक प्रसव कराये गये हैं। इसके अलावा सीएचसी, पीएचसी पर भी प्रसव कराने की सुविधा गर्भवती महिलाओं को दी जा रही है।
“93 उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर गर्भवती की हो रही देखभाल
एटा। गर्भवती महिलाओं के देखरेख और प्रसव पूर्व और उपरांत जांच, टीकाकरण कराने जाने का कार्य उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर सीएचओ के माध्यम से किया जा रहा है। इसके लिए जिले में 93 उप स्वास्थ्य केन्द्रों का संचालन हो रहा है।”