मिली सूत्रों से जानकारी के अनुसार

फिलहाल में प्रसव के दौरान महिला की मृत्यु हो जाने के कारण पुराने आरटीओ ऑफिस के सामने खुले पार्क हॉस्पिटल आंखों पर पट्टी बांधकर किया गया सील
लेकिन पार्क हॉस्पिटल मैं ही एक दरवाजा और है उस दरवाजे से मरीजों को अंदर बाहर होने की हरकत अभी अभी आई सामने
ऐसे ऑन ऑथराइज हॉस्पिटलों में कब तक रहेगा जान से खिलवाड़ का खेल जारी
सूत्रों से मिली एक जानकारी और भी मीली है।
महिला जिला अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी नहीं की जाती है ।
जबकि महिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की भरमार है।
महिला चिकित्सालय मैं डॉक्टरों द्वारा अपना टारगेट के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं।
जैसे नॉर्मल डिलीवरी ना होना और दिन-ब-दिन ऑपरेशन द्वारा डिलीवरी करना उनके लिए कोई बड़ा कार्य नहीं है।
अगर किसी गरीब परिवार की बहू बेटी या बहन डिलीवरी कराने के लिए तो वह महिला चिकित्सालय की डॉक्टर लोग
यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेती है कि अगर आपको सीजर कराना है तो हम करने को तैयार हैं।
अगर आपको नॉर्मल डिलीवरी कराना है ।
तो बागवाला चिकित्सालय अपने मरीज को ले जाना पड़ेगा।
यहां तो सिर्फ ऑपरेशन द्वारा ही डिलीवरी हो सकती है।
इस वजह से दिन-ब-दिन प्राइवेट हॉस्पिटलों में प्रसव के दौरान महिलाओं की हो रहा है जान से खिलवाड़