प्राइवेट प्रसव पर जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिलेगा, रिपोर्ट योगेश मुदगल

प्राइवेट प्रसव पर जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिलेगा, रिपोर्ट योगेश मुदगल

ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य इकाइयों पर हो रहे प्रसव

एटा।सीएमओ ने बताया कि जिले में मेडिकल कालेज सहित ब्लॉक स्तरीय इकाइयों में से अधिकांश पर संस्थागत प्रसव कराए जा रहे है। इसमें सीएचसी निधौलीकलां, जलेसर, बागवाला, अलीगंज, सकीट, पीएचसी मिरहची पर संस्थागत प्रसव कराए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए स्त्रत्त्ी एवं प्रसूति रोग चिकित्सकों से प्रसव कराए जा रहे हैं।

प्राइवेट प्रसव केंद्रों पर गर्भवती की जान जोखिम में

जिले में संचालित पंजीकृत, अपंजीकृत प्रसव केंद्र, अस्पतालों में असुरक्षित प्रसव कराने से गर्भवती महिला की जान जोखिम में रहती है। आए दिन प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा के मरने की सूचनाएं मिलती रहती है। स्वास्थ्य विभाग संचालित अपंजीकृत प्रसव केंद्रों पर कार्रवाई की जा रही है। वर्ष में अब तक लगभग 70 अपंजीकृत क्लीनिक, प्रसव केंद्रों पर कार्रवाई की गई है।

एटा, प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम में प्रसव कराने पर महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। योजना में संस्थागत प्रसव कराने वाली शहरी महिलाओं को एक हजार, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपये दिए जा रहे हैं। जिले में ब्लॉक स्तरीय इकाइयों पर संस्थागत प्रसव कराने जाने की सुविधा शुरू कराई जा रही है।

सीएमओ डा. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2022 में अब तक जिले में संचालित मेडिकल कालेज, ब्लॉक स्तरीय इकाइयों पर 11,343 गर्भवती महिलाओं ने संस्थागत प्रसव कराया है। जबकि जिले में संचालित 15 प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम में 11, 281 गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराया है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार वर्ष 2021 में 10,191 गर्भवती महिलाओं ने सरकारी अस्पतालों, ब्लॉक स्तरीय इकाइयों पर प्रसव कराया। इसके अलावा 6122 गर्भवती महिलाओं ने जिले के प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव कराया गया।

सीएमओ ने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, मेडिकल कालेज में संस्थागत प्रसव कराने वाली महिलाओं को ही जननी सुरक्षा योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना में सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर शहरी क्षेत्र की महिलाओं को एक हजार, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। इस तरह वर्ष 2022 में प्राइवेट में प्रसव कराने वाली 11,281, वर्ष 2021 में 6,122 महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हो गई है। उन्होंने जनपद की महिलाओं से संस्थागत प्रसव कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने को कहा है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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