*”मुकदमे से बचने को कर दी थी साले की हत्या, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा – खुद हत्या के मामले से बचने के लिए और विरोधियों को फंसाने के लिए साले को मौत के घाट उतार दिया। घटना को अंजाम देने के बाद विरोधियों के नाम हत्या का मुकदमा पंजीकृत करा दिया। पुलिस की विवेचना में पूरी घटना खुलकर सामने आ गई। इस घटना को करने के लिए अपने पुत्रों का भी साथ ले लिया। पुलिस ने आरोपी जीजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अलीगंज संवाददाता के अनुसार फर्रूखाबाद के थाना मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव कटिन्ना मानिपुर निवासी गोपाल परिहार पुत्र ओमवीर कई वर्षो से गांव थाना अलीगंज के गांव मोहम्मद नगर बझेरा में जीजा मदन उर्फ बबलू पुत्र चित्रपाल के यहां रहता था। 17 जून 2022 की रात को गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की रिपोर्ट 18 जून को जीजा मदन उर्फ बबलू पुत्र चित्रपाल निवासी मोहम्मद नगर बझेरा ने गांव के ही पप्पू उर्फ पवनेश सहित पांच के खिलाफ दर्ज कराई थी। आरोप था कि पांचों पर रंजिश में घात लगाकर हत्या कर दी। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मीना ने की। विवेचना में सामने आया कि 2019 में मदन उर्फ बबलू पुत्र चित्रपाल आदि ने गांव के ही जितेन्द्र की हत्या की थी, जिसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है, हत्या का मुकदमा ट्रायल पर आने एवं गवाही पूर्ण होने के बाद सजा होने का अंदेशा था। इस मुकदमें से अपने आप को बचने के लिए जीजा ने हत्या की योजना बना ली। साले की हत्या के बाद सजा से बचने और वादी पक्ष पर फैसले का दबाव बना लिया जाएगा। ऐसे में जीजा मदन उर्फ बबलू ने अपनें पुत्रों के साथ मिलकर गोपाल परिहार के गोली मारकर हत्या कर दी। जितेंद्र की हत्या के मुकदमें में वादी और उनके पक्ष के लोगों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी।
हकीकत सामने आने के बाद अलीगंज पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। विवेचना में प्रकाश में आएं आरोपी पवन पुत्र मदन उर्फ बबलू निवासी मोहम्मद नगर बझेरा थाना अलीगजं को पुलिस ने पकड़ा। जिसने निशान देही पर घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा व कारतूस बरामद कराया। आरोपी को पकड़कर पुलिस ने जेल भेजा है। अन्य की तलाश में दविश दी जा रही है।
307 में फंसाने का था प्रयास
एटा। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि घटना में शामिल आरोपी जीजा विरोधियों पर मुकदमा वापस कराने को दबाव बनाना चाहता था। पूरी योजना के साथ पीछे से साले को गोली मारी गई थी। गोली गलत जगह लगने से उसकी मौत हो गई थी। जबकि वह गोली मारकर घायल करने का इरादा था। इससे धारा 307 बन जाए।
दुष्कर्म, हमले सहित चार मामले कराएं थे दर्ज
एटा। पुलिस जांच में सामने आया कि विरोधियों को फंसाने के लिए काफी हद तक चले गए थे। साली के जरिए दुष्कर्म की भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके साथ ही जैथरा में गोली मारने, राजा का रामपुर में भी एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया था। कुल मिलाकर चार मामले दर्ज कराएं थे जिसमें सभी झूठे निकले थे।
पिता ने दामाद पर ही लगाया था आरोप
एटा। एसएचओ अलीगंज राजेश कुमार मीना ने बताया कि मृतक गोपाल के पिता ने अपने दामाद के विरूद्ध प्रार्थनापत्र उच्चाधिकिारयों को दिया था। बेटे की मौत के समय भी पिता ने सवाल उठाएं थे और उस समय उन्होने कहा कि रात दस बजे बेटे की मौत हो गई थी और सुबह सूचना दी गई थी।