

हम एटा के लोग, कब थमेगी “शिशकियां “विधिक गोष्ठी का आयोजन।
–पुलिस आई0पी0सी0की धारा-166″ए “का जुम्मेदारीपूर्वक पालन करे:-पंकज कुमार एडवोकेट।
एटा,
कलेक्ट्रेट बार एशोसिएशन एटा के सभागार में कलेक्ट्रेट बार एशोसिएशन के तत्वावधान में निर्भयाकांड एवं पॉक्सो एक्ट के 10 वर्ष पूर्ण होने की सांध्य पर कार्यक्रम “”हम एटा के लोग, कब थमेगी शिशकियां, तथा सरकारी “मिशन शक्ति”बनाम लैंगिक हमले और व्यवस्था, समीक्षा एवं जन जागरूकता विधिक गोष्ठी का आयोजन हुआ।कार्यक्रम के संयोजक/संचालक पंकज कुमार एडवोकेट व सह संयोजक देवेन्द्र कुमार लोधी एडवोकेट रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामनरेश मिश्रा एडवोकेट ने की।मंचासीन अतिथियों में बार के अध्यक्ष रामनरेश मिश्रा एड0,महासचिव रोहित पुंडीर एड0,एल्डर कमेटी के चेयरमैन… आदि का म
मूगों की माला पहनाकर व ज्योतिष की किताब भेंट कर स्वागत किया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम वरिष्ठ अधिवक्ता ,सम्मानित सदस्य कलेक्ट्रेट बार एशो0एटा के समक्ष ‘बलात्कार ‘ जैसे गृहणित अपराध को रोकने हेतु बने दण्डविधि संसोधन अधिनियम-2013 एवं पॉक्सो एक्ट-2012 के विधिक क्रियान्वयन हेतु तीन प्रस्ताव देवेन्द्र कुमार एडवोकेट ने रखे, जिन्हें ध्वनिमत से पारित किया गया।
इसी के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज कुमार ने पूरे कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के तुरन्त बाद देश में बढ़ते लैंगिक हमलों को देखते हुए निर्भयाकांड से सर्मशार भारत सरकार ने ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु पॉस्को एक्ट 14 नवम्बर 2012 देश में लागू किया गया।लेकिन इतने कड़े कानून के होते हुए भी घटनाओं पर विराम न लगना, इससेस्पस्ट होता है कि सरकार व प्रशासन समय समय पर इसकी समीक्षा करने में और इस एक्ट के विषय को जन-जागरूकता व ग्रामीण स्तर तक प्रचारित एवं प्रसारित करने में कही तो कमी कर रहे है।ये चिन्तनीय विषय है।इससे स्पस्ट होता है निश्चित ही पुलिस आई0पी0सी0की धारा-166(ए)का जुम्मेदारीपूर्वक पालन नही कर रही है।लैंगिक हमलो के प्रकरणों पर पुलिस विवेचकों को ईमानदारी पूर्वक काम करते हुए अपने फर्ज एवं कानून का पालन करना चाहिए, जिससे लैंगिक हमले रुक सके।
अधिवक्ता दिनेश कुमार यादव ने कहा कि आज हम निर्भया कांड/पॉक्सो एक्ट के पूर्ण होने पर काफी चिंतित हैं लगातार बढ़ते लैंगिक हमले इस बात की गवाही दे रहे है कि सरकार तो मिशन शक्ति कार्यक्रम के माध्यम से लगातार जन जागरूकता कर रही है लेकिन प्रशासन कही न कही ठीक से अपने कर्तव्यो का निर्वहन नही कर पा रहा है इस पर जुडिशियल हस्तक्षेप की जरूरत महसूस हो रही है क्योंकि लोकसेवक अपना काम ठीक से नही कर रहे है इसलिए लैंगिक अपराधों को रोकने में लोकसेवक की भूमिका संदिग्धता प्रतीत हो रही है।वरिष्ठ अधिवक्ता लोकेंद्र सिंह ने कहा कि निर्भया कांड जैसी घटनाएं दुःख देती है ऐसी घटनाओं का सरकार और प्रशासन को समय समय पर समीक्षा होनी चाहिए।
सुभाष चंद शर्मा ने कहा कि पोस्को एक्ट कानून का ठीक से पालन होना चाहिए, पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और दोषी को सजा मिलनी चाहिए।अधिवक्ता राजीव यादव ने कहा कि विवेचक ईमानदारी से विवेचना करें तो पीड़ित को न्याय जरूर मिल सकता है।…..
अन्त में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रामसिंह यादव ने कहा कि न्याय हित एवं जनहित में विधि की सर्वोच्चता बनाये रखने हेतु विधिक संस्था कलेक्ट्रेट बार एशोसिएशन के सम्मानित सदस्य व जुडिशियल तथा प्रशासनिक एवं मीडिया चारो को मिलकर ईमानदारी के साथ काम करना होगा, तभी हम निर्भयाकांड जैसी देश को शर्मसार करने बाली घटनाओं को रोक सकते हैं।कार्यक्रम के सह संयोजक देवेन्द्र कुमार लोधी एडवो0ने समस्त सम्मानित अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ताओं में बार के अध्यक्ष रामनरेश मिश्रा, महासचिव रोहित पुंडीर, पूर्व अध्यक्ष सतेंद्र सिंह, पूर्व महासचिव राकेश यादव, राजेन्द्र सिंह यादव, रामसिंह, कालीचरन रमेश बाबू, रूपराम वर्मा, शीलेन्द्र कुमार, कृष्ण पाल सिंह, अनुज कुमार, नईम खान, रविकांत मिश्रा, पूर्व महासचिव संजय उपाध्याय,प्रमोद कुमार, हरवेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, दिनेश शर्मा, गंगा प्रसाद, अविता, मनमोहन सिंह, धर्मेन्द्र शाक्य, अंसुल यादव, अजीत सिंह, दीपक पाठक, हरदेश उपाध्याय, विष्णु कांत, सेकड़ोआदि अधिवक्ता मौजूद रहे।