
” रसोइया कैसे करें गुजारा, तीन माह से न मिला मानदेय”
एटा, । तीन माह से दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय न आने से रसोइयां परेशान है। अधिकारियों से बार-बार मानदेय दिलाने की गुहार लगाने के बाद भी परेशानी दूर नहीं हो रही है। उससे रसोइयों को घर-परिवार का खर्च चलाने को कर्ज लेना पड़ रहा है। अगस्त से अक्तूबर तक का मानेदय उनको नहीं मिला है।
बेसिक शिक्षा परिषद के 1691 में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 4202 रसोइयां एमडीएम बनाने का कार्य कर रहे है। जिनको शासन की ओर से दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। अगस्त माह तक का मानदेय रसोइयों को मिल चुका है। उसके बाद शासन से ग्रांट न आने के कारण रसोइयों को मानदेय नहीं मिल पा रहा है। तीन माह से रसोइयों को दो-दो हजार रुपये मानदेय नहीं मिला है। उससे उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की दिक्कत आ रही हैं। मानदेय न मिलने से इनके परिवार में भुखमरी की स्थिति बनती जा रही है।