
एटा – जिले में अधिकांश होटलों के पास आग बुझाने के इंतजाम नहीं है। कई-कई मंजिला इमारत बनाने से पहले दमकल विभाग से एनओसी नहीं ली गई। जब भी कहीं हादसे होते है तो विभाग भी इनको नोटिस थमा देता है। पिछले तीन वर्षों से नोटिस पर नोटिस दिए जा रहे हैं। अगर कोई हादसा हुआ तो किसी के पास भी कोई जवाब नहीं दे सकेगा।
नोटिसों तक सिमटी कार्रवाई का असर है कि ज्यादातर होटल मानक पूरा नहीं कर रहे है। शहर के ज्यादातर होटलों में आग बुझाने के इंतजाम नहीं है। होटल बनाने से पहले एनओसी भी नहीं ली थी। कुछ दिनों पहले चले अभियान में दमकल विभाग ने कई होटलों को चेक किए। जनपद में संचालित 17 होटलों में से सिर्फ एक ही होटल के पास प्रोविजनल एनओसी है। अन्य किसी के भी पास एनओसी ही नहीं थी। विभाग के अधिकारी ने नोटिस देते हुए मानक पूरे करने की कहा था। ऐसा लग रहा है कि विभाग की ओर से दिए जाने वाले नोटिसों का इन पर कोई असर भी नहीं होता। विभाग का दावा है कि कई होटल संचालक मानक पूरा करने में लगे है। इसके बाद विभाग फिर से एक और नोटिस देने की तैयारी कर रहा है।
शहर में लगभग 17 होटल, दिए जाएंगे नोटिस शहर में लगभग 17 होटल है। ज्यादातर के पास एनओसी नहीं है। विभाग ने पहला नोटिस देते हुए आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम करने को कहा था। जिसमें कुछ ने ही इंतजाम किए है। कई कई होटल तो ऐसे स्थानों पर बना लिए गए है कि अगर कोई हादसा हुआ तो दमकल की गाडियां भी मौके पर नहीं पहुंच सकेगी। वैसे भी शहर में पानी के इंतजाम पूरे नहीं है। हाईटेंट पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इससे एटा में सीएफओ रहे शिवदयाल शर्मा ने भी तीन वर्ष पहले मानक पूरा ना होने पर होटलों को नोटिस दिए थे।
पहला नोटिस देने के बाद समय दिया जाता है, उसके बाद भी मानक को पूरा नहीं कर रहे हैं तो इस स्थिति में फिर से एक और नोटिस दिया जाएगा। शहर में 17 होटल हैं। यदि होटलों में मानक अधूरे हैं और आग बुझाने के इंतजाम पूरे नहीं हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
-केतन कुमार, एफएसओ एटा”