औरैया*
*जिलापूर्ति अधिकारी के बिगड़े बोल,* *पत्रकारों के संबंध में किया अभद्र टिप्पणी*
*पत्रकार को कार्यालय में अभद्र व्यवहार व टिप्पणी किया*

*पत्रकारों में जिलापूर्ति अधिकारी के रवैये से आक्रोश*
*भारतीय मीडिया फाउंडेशन द्वारा भ्रष्ट अधिकारी पर कड़ा विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है*
*भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार ने सभी मीडिया अधिकारियों को आवाज बुलंद करने की अपील की है*
*खाद्य एवं रशद विभाग सबसे भ्रष्ट विभाग कहा जाता रहा है इस विभाग का चापरासी से लेकर अधिकारी तक भ्रष्टाचार में लिप्त*
आपूर्ति निरीक्षक ने तहसील स्तर पर कोटेदारों से प्रति खाद्यं निकासी पर 600 रुपये निर्धारित हैं महीने में दो निकासी होने पर 1200₹ और एक तहसील में लगभग 200 कोटेदार होते हैं उदाहरण *1200× 200 = 240000* यह वसूली के लिए आपूर्ति निरीक्षक निजी दो से तीन लोग को दस हजार महिना पर रखते हैं अर्थात *240000- 30000=210000* लगभग दो लाख प्रति माह कहाँ जा रहा है? एक जिला में लगभग चार तहसील होती होगी मतलब *210000×4=840000* रुपये प्रति माह किस किस को वितरित हो रहे हैं?? *सभी आंकड़े सूत्रों पर आधारित*
*खाद्य एवं रशद विपणन विभाग में भ्रष्टाचार का छोटा सा उदाहरण सूत्रों के अनुसार*
*विपणन केन्द्र पर कोटेदारों का खाद्यान निकासी के समय जमकर शोषण किया जाता है!!*
*भारतीय खाद्य निगम गेंहू चावल की 50 किलो की भर्ती देता है किन्तु केन्द्र पर विपणन निरीक्षक 50 किलो भर्ती को 51 से 51.500 ग्राम कहकर कोटेदारों को निकासी करते हैं*
*माना कि एक विपणन केन्द्र पर एक निकासी में 30000 बोरी आपूर्ति हो रही है तब आंकड़े पर एक नज़र*
*30000÷1= 3001 किलो* *माह में दो निकासी पर 3001+2=6002 किलो*
*माना की बाजार भाव गेँहू का 2100₹ 6002×21= 126042 ₹ कीमत बनी*
*एक ब्लाक में एक विपणन केन्द्र के हिसाब से जिले कम से कम 18 ब्लाक तो होते ही होंगे,*
*माना कि ब्लाक जिले में 18×126042= 2268756*
*एक विपणन केन्द्र पर दस हजार रुपये पर निजी वसूली के लिए रखा गया है*
माना कि दो निजी लोग एक केन्द्र पर 18 ब्लाक के हिसाब से 36 लोग
एक नज़र *36×10000= 360000*
*2268756-360000=1908756*
*शुद्ध मुनाफा एक जिले का 1908756*
*एक सुविधा विपणन केन्द्र पर और चलती है जो कोटेदार निकासी समय राशन माफियाओं को राशन बेचते हैं वह राशन विपणन केन्द्र में रखा रह जाता है और राशन माफियाओं के द्वारा मौका देखकर विपणन केन्द्र से निकासी किया जाता है और कहीं पकड़ा जाने पर विपणन केन्द्र लिखित देता है कि फला कोटेदार का है और राशन माफियाओं की बचत हो जाती है इस कार्य का विपणन केन्द्र एक कोटेदार से 500 से 600 रुपये प्रति निकासी लिया जाता है*
माना कि तहसील में 200 कोटेदार हैं तब *200×500= 100000*
एक जिले में यदि चार तहसील है तो *100000×4=400000*
शुद्ध वसूली *1908756+400000=2308756*
*एक जिले में विपणन विभाग का शुद्ध मुनाफा 2300000* *सभी आंकड़े सूत्रों पर आधारित*
*भ्रष्टाचारशोधकर्ता*
*जो कोटेदार सिस्टम फालो नहीं करता है उसे प्रताड़ित किया जाता है यहाँ तक की कोटे से हाथ धोना पड़ जाता है!*
*हालांकि इसी लीकेज को समाप्त करने के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जी ने काफी गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर डोर टू डोर डिलीवरी करने का फैसला लिया गया जो कि लागू हो चुका है*
*विपणन निरीक्षक के द्वारा डोर टू डोर डिलीवारी का विरोध भी किया गया*