भारतीय किसान यूनियन आराजनैतिक कसगंज जिलाध्यक्ष संजय प्रजापति ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया

भारतीय किसान यूनियन आराजनैतिक कसगंज जिलाध्यक्ष संजय प्रजापति ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दियाउत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है।उत्तर प्रदेश की जनसंख्या का दो तिहाई भाग कृषि क्षेत्र पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष निर्भर है। उत्तर प्रदेश की कृषि की मुख्य समस्याओं का समाधान सरकार के प्रयास के बावजूद भी नही हो पा रहा है। जिसका मुख्य कारण जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वन में हीलाहवाली है ।उत्तर प्रदेश में कृषि में सार्वजनिक निवेश में गिरावट,परिवहन,भंडारण,विपणन की समस्या,कृषि विविधीकरण का अभाव,कृषि ऋण के लिए बड़ी संख्या का असंगठित क्षेत्र पर निर्भर होना,नवीन तकनीकी का अभाव,अनुसंधान का खेत तक न पहुंचना,निम्न उत्पादकता आदि के कारण कृषि क्षेत्र को लाभकारी पेशा नही जा सका है। जिसका निदान आपके द्वारा ही संभव है। उत्तर प्रदेश की दो मुख्य फसलें गन्ना और धान है।वर्तमान में दोनो फसलों के किसान चुनौतियों का सामना कर रहे है। धान की तैयार फसल के समय बारिश से धान की फैसले बर्बाद हो गई है, क्रय केंद्र पर गुणवत्ता का बहाना कर फसल बेचने में काफी परेशानी हो रही है। गन्ने में बीमारी के कारण फसल की उत्पादकता में 40% कमी की संभावना है। कुछ चीनी मिल समूहों के द्वारा भुगतान न किए जाने के कारण भी कई जनपदों में किसान परेशानियों का सामना कर रहे है। उत्तर प्रदेश में इस बार किसानों के सामने भारी समस्या है भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक आज दिनांक 2 नवंबर 2022 को उत्तर प्रदेश में जिला मुख्यालयो पर आयोजित धरना प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से निम्न समस्याओं के समाधान की मांग करती है

1 गन्ना किसानों की उत्पादन लागत में वृद्धि को देखते हुए भारत सरकार द्वारा भी गन्ने के एफआरपी में वृद्धि की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी महंगाई के अनुपात में गन्ने का मूल्य 400 रू कुंतल तय किया जाय
2 किसानो को धान बेचने में आ रही समस्याओं के कारण उत्तर प्रदेश में सरकारी खरीद केवल 1 फीसदी हुई है। धान खरीद में तेजी लाई जाय। मंडी से बाहर अवैध खरीद पर रोक लगाते हुए कानूनी कार्यवाही की जाय
3 किसानो को खेत में ट्रेक्टर ट्राली से मजदूर व आसपास तक घरेलू कार्य में भी उपयोग करना पड़ता है। ट्रेक्टर ट्राली के व्यवसायिक उपयोग के नियामन पर किसानो के हितों का ध्यान रखते हुए इससे किसान को बाहर किया जाय
4 उत्तर प्रदेश के किसानों पर इस बार सुखा व अतिवृष्टि की दोहरी मार पड़ी है। जिसके कारण उत्पादन लागत में वृद्धि के साथ-साथ फसल बर्बाद हुई है। किसानो को भरपाई हेतु बिजली बिल में छूट,कृषि ऋण में ब्याज की राहत,सरकारी देय पर रोक,फसल की बुवाई हेतु निशुल्क बीज दिए जाने जैसे जरूरी कदम उठाए जाय
5 किसानो की फसलों को आवारा पशु व जंगली जानवरों द्वारा बर्बाद किया जा रहा है। किसानो को इनसे निजात दिलाई जाय एवं अन्ना प्रथा पर कानूनी रोक लगाई जाए
6 किसान आवारा पशुओं व जंगली जानवरों से फसल बचाने हेतु खेत की तारबंदी करता है। ऐसे तार जिससे पशुओ को कोई नुकसान नहीं होता,प्रतिबंधित करना सरकार का गलत निर्णय है। किसानो को तय मानक के तार लगाने की छूट दी जाय।
7 प्रदेश में अमानक बीजों की बिक्री पर रोक लगाई जाए एवं सभी जनपदों में डीएपी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय
इस मौके पर जिला प्रभारी लक्ष्मण प्रसाद बर्मा जिला प्रवक्ता सतनाम सिंह जिलामहासचिव रमन साहू एसपाल बौद्ध ब्रह्पाल सोलंकी युबा जिलाध्यक्ष विशाल यादव सेहर सिंह जाटव सेल्स यादव विपन शर्मा लछमन यादव सैकड़ो किसान मौजूद रहे

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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