रथयात्रा की तरह मोहर्रम जुलूसों की मिलें
इजाज़त।

. रथयात्रा की तरह मोहर्रम जुलूसों की मिलें
इजाज़त।
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ऑनलाइन हुई शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की
बैठक, अज़ादारी पर की गई चर्चा *सोशल डिस्टेसिंग के पालन पर भी ज़ोर*

लख़नऊ ,आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की तरह कुछ शर्तों के साथ अय्यामे अज़ा माहे मोहर्रम की मजलिसों और जुलूस निकालने की इजाज़त मिलना चाहिए। मंगलवार रात बोर्ड कार्यकारिणी पदाधिकारियों को ऑनलाइन बैठक में कोरोना महामारी के चलते अगले दो महीने बाद आरम्भ होने वाले मोहर्रम को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गयी। देर रात तक चली बैठक में बोर्ड पदाधिकारियों ने एक स्वर से कहा कि अज़ादारी अय्यामे हुसैन हर हाल में होना है। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए अज़ादारी करें। इससे पहले बैठक का आग़ाज़ क़ारी नदीम नजफ़ी ने तिलावते क़लामे पाक़ से किया। बैठक की ऑनलाइन अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना साएम मेहदी ने की, जबकि बोर्ड महासचिव व प्रवक्ता मौलाना यासुब अब्बास ने बोर्ड के कामों की रिपोर्ट पेश की। बैठक में मौलाना ज़ाहिद अहमद रिज़वी ने कहा कि कोरोना के हालात इसी तरह रहे तो हमें पहले से अय्यामे अज़ा के इंतेज़ाम कर लेना चाहिए और मरजा-ए कराम के निर्देशों पर भी अमल होना चाहिए। मौलाना ज़हीर अब्बास ने बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अज़ादारी अय्यामे हुसैन हर हाल में होना है। बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना एजाज़ अतहर ने कहा कि जिस तरह उच्चतम न्यायालय ने जगन्नाथ रथयात्रा को शर्तों के साथ अनुमति दी, उसी तरह अज़ादारी जुलूसों की इजाज़त मिलना चाहिए। बोर्ड महासचिव व प्रवक्ता मौलाना यासुब अब्बास ने कहा कि हमें सरकारी, चिकित्सीय और विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों को भी ध्यान में रखना चाहिए। मौलाना इस्लाम ज़ामिन जाफ़री ने कहा कि अक़ीदे को बचाने के लिए लोगों को सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि अज़ादारी हर हाल में ज़रूरी है। ऑनलाइन बैठक में देश के विभिन्न प्रांतों सहित ईरान-इराक़ से ऑनलाइन शामिल हुए प्रतिनिधियों ने कहा कि सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए अज़ादारी करें और कर्बला, इमामबाड़ा, दरगाह में मजलिसें करें, क्योकि अज़ादारी हमारी ज़िंदगी का मक़सद और दुख्तरे रसूल की तमन्ना है। बैठक में मौलाना शबाब नक़वी, मौलाना मिक़दाद आब्दी, मौलाना असद यावर, मौलाना ज़की हसन, मौलाना तहज़ीबुल हसन, मौलाना मूसी रज़ा, मौलाना इंतिज़ाम हैदर, मौलाना ज़िल्ले मुजतबा, मौलाना ग़ुलाम हुसैन सदफ़ ज़ैदी, हुसैन नासिर सईद, डॉ. सरवत तक़ी, मंज़र भोपाली, डॉ. इशरत हुसैन, मौलाना क़िरतास कर्बलाई, हैदर रज़ा, ईसा रज़ा सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य शामिल थे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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