मुलायम सिंह यादव के नन्हें समर्थक की अखिलेश कराएंगे अच्छी पढ़ाई,महराजगंज से सैफई बुलाकर की पूरी मुराद, कहा-पढ़ लो फिर नेता बनना

इटावा।समाजवादी पार्टी के संंस्थापक पूर्व रक्षामंत्री तीन बार मुख्यमंंत्री रहे धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव के निधन की खबर सुुुनकर लगभग पांच सौ किलोमीटर दूर महराजगंज जिले के नौतनवा से पैदल ही सैफई के लिए निकल पड़ने वाले मुलायम सिंह यादव के 12 वर्षीय नन्हें समर्थक नवरत्न की मुराद समाजवादी पार्टी के मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूरी कर दी।अखिलेश ने गाड़ी भेजकर नवरत्न को सैफई बुलवाया और काफी देर तक बातचीत की व कोठी में ही खाना खिलाया गया।
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने जब नवरत्न से पूछा कि वह क्या बनना चाहता है तो नवरत्न नेता बनने की इच्छा जताई। इस पर अखिलेश यादव ने नवरत्न को अच्छे स्कूल में पढ़ने की सलाह दी और वादा किया कि पढ़ाई का पूरा खर्च वह खुद उठाएंगे।अखिलेश यादव ने कहा कि पहले पढ़ लो फिर नेता बनना।
आपको बताते चलें कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव बड़े नेता थे।मुलायम सिंह के लाखों से अधिक समर्थक हैं और इन्ही समर्थकों में सभी उम्र के लोग शामिल हैं। मुलायम सिंह यादव के नन्हे समर्थक भी हैं। 12 वर्षीय नवरत्न समर्थक तो अपने घर से बिना बताए मुलायम सिंह यादव के अंतिम दर्शन के लिए सैफई से पांच सौ किलोमीटर दूर महाराजगंज जिले से चल पड़ा था। नवरत्न इटावा पहुंचा तो यहां आकर रास्ता भटक गया।किसी तरह गुरुवार को कानपुर पहुंच गया तो जीआरपी ने नवरत्न को बैठा लिया।जीआरपी ने पूछताछ की तो अपना नाम नवरत्न यादव बताया और पिता का नाम सिकंदर यादव बताया।नवरत्न ने बताया कि पिता काफी गरीब हैं।बाद में परिजन नवरत्न को ले गए।इसकी जानकारी जब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को हुई तो उन्होंने इस नन्हें समर्थक को गाड़ी भेजकर सैफई बुलवाया।
आज शनिवार की सुबह नौतनवा के पूर्व विधायक मुन्ना सिंह नन्हें समर्थक नवरत्न को लेकर सैफई पहुंचे।नवरत्न खुद को सैफई में अपने चहेते मुलायम सिंह यादव की कोठी पर खड़ा पाकर अचंभित था।गाड़ी से उतरते समय कोठी और आसपास के माहौल को देखकर नवरत्न की आंखों को भरोसा नहीं हो रहा था कि वह यहां है।कुछ ही देर में नवरत्न को अखिलेश यादव के सामने ले जाया गया।अखिलेश यादव को देखकर नवरत्न ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया।इसके बाद पास में रखे मुलायम सिंह यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर चित्र को हाथ से छूकर अपने माथे से लगाया।इस दौरान नवरत्न की आंखों से आंसू छलक पड़े।अखिलेश यादव ने पूछा अब क्या इरादा है तो नवरत्न ने कहा कि वह नेता बनना चाहता है, इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि पहले अच्छे स्कूल में खूब पढ़ो और पढ़ाई का खर्च हम उठायेंगे।पढ़ने के बाद नेता बनना। एक तरफ जहां नवरत्न को अपने नेता को खोने का गम था तो दूसरी ओर चेहरे पर अखिलेश यादव से मिलने की खुशी भी दिखायी दे रही थी।