
बाजारों में भीड़ और अतिक्रमण की आगोश में सड़को से बने जाम के हालात,यातायात व्यवस्था चरमराई
एटा । दुकानें छोड़ सड़कों तक कब्जा कर चुके अतिक्रमणकारियों और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार पर शहर की अव्यवस्था भले शहरवासियों और बाजार में उमड़ी भीड़ को खल रही हो, लेकिन नही खल रही तो जिम्मेदारों को, शायद इसी कारण न सिर्फ अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ हैं बल्कि जगह जगह जाम जैसे हालात बनने से यातायात व्यवस्था चरमराने लगी हैं । चूक कहा और क्यों की जा रही हैं स्पष्ट नहीं कहा जा सकता लेकिन नजारे स्वयं बिगड़े हालातों की चीख चीख कर गवाही देते प्रतीत हो रहे हैं, भरोसा न हो तो देखें बाजारों में, जहाँ दुकान छोड़कर सड़कों पर बैठे अतिक्रमणकारी और त्योहार पर उमड़ती भीड़ से उतपन्न होते जाम जैसे हालातों के चलते यातायात माह में ही बिगड़ती यातायात व्यवस्था स्पष्ट नजर आयेगी । हालांकि ये स्थिति किसी एक मार्केट की नहीं अपितु शहर के अधिकांश बाजार अतिक्रमण के आगोश में हैं, दुकानदार दुकानें छोड़कर सड़को पर बैठे हैं और भीड़ में महिला बच्चे बच्चियाँ बुजुर्ग धक्के खा रहे हैं । कहा जाये तो शायद यह कहना अनुचित न हो कि अतिक्रमणकारी दुकानदारों के अतिक्रमण ने बाजारों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक के आवागमन में भारी व्यवधान पैदा कर दिया हैं …