राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चिन्हित मरीजों को उपचार देने का काम किया जा रहा है, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । जिले का ब्लॉक अलीगंज क्षयरोग से सर्वाधिक चिन्हित हुआ है। क्षेत्र में राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चिन्हित मरीजों को उपचार देने का काम किया जा रहा है। पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण बीमारियों, साफ-सफाई के प्रति जागरूक नहीं है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अलीगंज के एमओआईसी डॉ. रंजीत वर्मा ने बताया कि क्षेत्र के अलीगंज में 344, खरसुलिया-नयागांव में 90 क्षयरोगी चिन्हित किए गए हैं। वर्तमान में चल रहे एसीएफ अभियान में घर-घर आशा, एएनएम जाकर क्षयरोगियों को चिन्हित कर रही है। स्क्रीनिंग में चिन्हित होने वाले संभावित मरीजों की बलगम, एक्सरे जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण लोग जागरूक नहीं है। उससे लोग चाहे-अनचाहे भी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
निक्षय पोषण दिवस पर 6755 की हुई स्क्रीनिंग
15 मार्च को निक्षय पोषण दिवस जिला क्षयरोग केंद्र पर मनाया गया, जिसमें 6755 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें से 304 की बलगम जांच में एक क्षयरोगी मिला। 57 लोगों की एक्सरे जांच में एक क्षयरोगी मिला।
वर्ष 2022 में 9537 की स्क्रीनिंग में 1099 क्षयरोगी
जिला क्षयरोग अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2025 तक जनपद को क्षयरोग मुक्त बनाना है। उसके लिए राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में 9537 लोगों की स्क्रीनिंग करायी गई है। जिसमें 1099 क्षयरोगी निकले। वर्तमान में 2225 क्षयरोगियों को जिला क्षयरोग कार्यालय से उपचार दिया जा रहा है।
अलीगंज क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। यहां पर लोग सहज डॉक्टर, एएनएम, आशा को बीमारी के बारे में बताते नहीं है। जिला क्षयरोग विभाग निरंतर लोगों को जागरूक कर रहा है। क्षेत्र में अभियान चलाये जाने से क्षयरोगी मिल रहे है, जिनको उपचार दिया जा रहा है।
डॉ. उमेश चंद्र त्रिपाठी, सीएमओ, एटा
2022 में 49,674 की स्क्रीनिंग में मिले 5408 क्षयरोगी
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2022 में 49,674 लोगों की क्षयरोग को लेकर स्क्रीनिंग कराई गई। स्क्रीनिंग में 17,722 संभावित क्षयरोगी चिन्हित की गई, जिनकी बलगम, एक्सरे जांच कराई गई, जिसमें 5408 क्षयरोगी निकले। जांच में मिले सभी क्षयरोगियों को उपचार दिया जा रहा है।